राजनीति

रिपोर्ट द्वारा हुआ खुलासा कि यूपीए ने 2012 में इंटेलिजेंस के मना करने के बावजूद भी सेना को बदनाम करने के लिए तख्तापलट की फर्जी कहानियां फैलाई

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कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सेना का अपमान किया है| यहाँ तक कि सैनिकों द्वारा की गयी सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सबूत मांगकर भी उनकी योग्यता पर सवाल उठाए हैं। अब एक और रहस्योद्घाटन में सामने आया है कि यूपीए- 2  ने 2012 में सेना को बेईज्ज़त करने के लिए सेना द्वारा  तख्तापलट के बारे में फर्जी कहानियां गढ़ी थीं|

खबरों के मुताबिक, यूपीए- 2 सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने 2011 के आखिरी महीनों और 2012 की शुरुआत में, अनौपचारिक रूप से इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को यह संकेत देने का प्रयास किया था कि सेना अपने प्रमुख जनरल वी.के. सिंह के तहत सरकार को गिराने के लिए तख्तापलट का प्रयास कर रही थी।

सूत्रों के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बहुत चिंतित हो गए थे इस मामले पर और यूपीए के कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा सलाह दिए जाने के बाद उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को जांच करने के लिए कहा। जांच करने के बाद, आईबी ने जवाब दिया कि ऐसा कुछ नहीं है| सेना कोई तख्तापलट करने के बारे में नहीं सोच रही है| रिपोर्ट को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ साझा किया गया था और आईबी की रिपोर्ट पूरी तरह से स्पष्ट थी कि तख्तापलट का कोई चांस नहीं है ”, अधिकारी, जो मामले की जांच में शामिल थे उन्होंने बताया|

लेकिन यूपीए सरकार ने इस मौके का अपने राजनीतिक लाभ के लिए फायदा उठाया| यूपीए सरकार ने इंटेलिजेंस के मना करने के बावजूद भी इस खबर को मीडिया में फैला दिया|ऐसा करके कांग्रेस ने न केवल नीच स्तर की राजनीति की, बल्कि सेना का अपमान भी किया और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी दांव पर लगा दिया।

इस तरह की शर्मनाक हरकत के लिए बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी को खूब लताड़ा है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवीएलएन राव ने कहा, “इस कांग्रेस पार्टी ने न केवल लूटपाट की, बल्कि उन्होंने इस देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा, “यह केवल एक राजनीतिक साजिश नहीं है, बल्कि भारतीय सेना को बदनाम करने की भी कोशिश है”

वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष से सवाल किया और उनसे पूछा “क्या इस खतरनाक साजिश के पीछे उनका दिमाग है? सेना की तख्तापलट की फर्जी कहानी रचने के पीछे क्या मकसद था? झूठ फैलाने और सेना को बदनाम करने में कौन-कौन मंत्री शामिल थे? क्या यह प्रयास आईएसआई या पाकिस्तानी सेना के इशारे पर किया गया था जिसमें मंचन करने का एक रिकॉर्ड है? एक निर्वाचित सरकार द्वारा निर्मित एक गलत अलार्म भारतीय सेना से समझौता करने और भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने का एक प्रयास है। ”उन्होंने कहा

कांग्रेस अध्यक्ष को इन सभी सवालों का जवाब देना चाहिए। उनकी पार्टी हमेशा राजनीतिक लाभ के लिए ओछी रणनीति का सहारा क्यों लेती है? उनकी पार्टी ने हमेशा राष्ट्र की सुरक्षा को जोखिम में क्यों डाला है?

कांग्रेस पार्टी ने हमेशा देशद्रोहियों का समर्थन किया है और सेना को बदनाम किया है। पार्टी ने इन 70 वर्षों में राष्ट्र के लिए कुछ भी नहीं किया है, वास्तव में हमेशा राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया है और केवल राष्ट्र के लिए समस्याओं और खतरे को आमंत्रित किया है।

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