संस्कृति

बंगाल के त्रिबेनी में स्थित जफर खान गाजी मस्जिद प्राचीन विष्णु मंदिर था। देश के हिन्दू मंदिरों को मस्जिदों के चंगुल से छुड़ाने का समय आ गया है।

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यह हिन्दुओं की कायरता, धर्मनिरपॆक्षता और आपस में एकता की कमी के कारण हुआ है। आज भारत के लगभग हर मस्जिद या दरगाह के नीचे एक हिन्दू मंदिर का अस्तित्व पाया जा रहा है। इस्लामी आक्रांताओं ने भारत के हर मंदिर को लूट कर उसे तॊड़ कर उसपर मस्जिद या दरगाह बनाया है। इन्हीं में से एक मंदिर है त्रिबॆनी(त्रिवेणी) में स्थित विष्णु मंदिर जिस पर जफर खान गाजी मस्जिद बनाया गया है। जिस तरह भारत में जगहों का इस्लामी नाम बदल कर उनके प्राचीन नाम से बुलाया जा रहा है उसी तरह मस्जिदों के नीचे दबे हिन्दू मंदिरों को भी खोई हुई पहचान मिलनी चाहिए।

बंगाल में त्रिबेनी में जफर खान गाजी मस्जिद को 1298 CE में एक विस्थापित प्राचीन विष्णु मंदिर पर बनाया गया था। त्रिबेनी कोलकाता के पास एक शहर है और गंगा, जमुना और सरस्वती नदियों का संगम स्थान है। इस विष्णु मंदिर को किसने और कब बनाया इसका उल्लेख कहीं नहीं है, लेकिन मस्जिद के प्रवॆश द्वार के दीवारों और खंभों पर हिंदू मंदिर वास्तुकला चीख चीख कर अपने ऊपर हुए अत्याचार का बखान कर रही है।

बंगाल सिविल सेवाओं के ब्रिटिश अधिकारी डी। मनी ने वर्ष 1847 में गाजी जफर खान के म्यूजोलियम के खादीम से मुलाकात की थी जहां उन्हें खादिम ने कुछ दस्तावेज़ दिये जिसमें साफ तौर पर लिखा था कि जफर मोहम्मद खान और उनके भतीजे शाह सूफी पश्चिमी भारत से बंगाल हिंदुओं को मारने और उन्हें इस्लाम में बदलने के लिए आए थे। दस्तावेज़ में उल्लेख है कि जफर खान ने स्थानीय शासक मैन निरापति को हराकर उसे इस्लाम में परिवर्तित किया था।

मस्जिद के पूर्व की ऒर मंदिर के प्रवेश द्वार की वास्तुकला है। मंदिर के दीवार के चप्पे चप्पे में हिन्दु वास्तुकला और देवताओं का चित्रण है। मंदिर के दीवार पर विष्णु के दशावतार का चित्रण होना यह दर्शाता है कि यह एक विष्णु मंदिर था। मंदिर के अंदर ज़फर खान गाज़ी और अन्य दो लोगों कि मकबरें बनाये गये हैं। और कुछ छित्रकारियों को ईंट से ड़क दिया गया है।

गाज़ी शीर्षक एक इस्लामी योद्धा को दिया जाता है जिसने कफिरों (हिन्दुओं) का नरसंहार किया हो या उनका धर्मपरिवर्तन करवाया हो। ऐसे में सवाल यह उठता है कि ऐसे हिन्दु हत्यारों के नाम के मस्जिदों को हिन्दु मंदिरों के ऊपर रहने क्यों दिया जा रहा है। भारत में केवल एक अयॊध्या नहीं है ऐसे कई अयॊध्या है जहां मस्जिद के नीचे एक मंदिर खामोश आहें भर रही है। और सॊच रहा है कि भारत के हिन्दु कब जागेंगे और उन सभी मंदिरों को आक्रांताओं के चंगुल से चुड़ायेंगे…..

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