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जस्टिन ट्रूडो ने दिखा ही दिए अपने असली रंग की वे खालिस्तान आंतकवादियों को बड़ावा देंगे| ऐसे नेता सम्मान के नही भारत से बहार फैंकने के लायक है||

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भारत पर सात दिन के दौरे पे आये कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो एक और तो ये कहरे की है वे एक संयुक्त भारत की नीति पर एकजुट है और इसके खिलाफ नही है तो दूसरी और वे ऐसी हरकतें कर रहे है जो आंतकवादियों को बड़ावा देती है|वे अपने समारोह में खालिस्तानी आंतकवादियों को बुलावा दे रहे है|

वे पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से मिले और पूरी वार्ता के दौरान खालिस्तान का मुद्दा ही छाया रहा|इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया और मुख्यमंत्री  अमरिंदर सिंह द्वारा उन्हें अच्छे से समझाया गया की कनाडा समेत कई देशों से पैसे आते हैं ताकि पंजाब में अशांति पैदा की जा सके| मुख्यमंत्री  अमरिंदर सिंह ने उन्हें कनाडा में रहनेवाले उन नौ लोगों के नामों की सूची भी सौंपी है जो खालिस्तान मुद्दे पर कट्टरता को बढ़ावा दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने मुख्यमंत्री को मुलाक़ात के बाद आश्वासन भी दिया की उन्होंने अपनी पूरी जिन्दगी अलगाववादी आंदोलन के सभी खतरों का सामना किया है और हिंसा के खतरों से वे पूरी तरह से जागरूक है और ऐसी किसी बात को बड़ावा नही देंगे|

एक और तो जहां वे संयुक्त भारत और खालिस्तान मुद्दे को गंभीरता से लेने के प्रति आश्वाशन दिला रहे है तो वहीं दूसरी और वे ऐसी हरकतें कर रहे है जो दर्शा रही है की उनके कहने और करने में बेहद फर्क है|वे खालिस्तानी आंतकवादियों को अपने समारोह में आने का निमंत्रण दे रहे है|

20 फरवरी को मुंबई में एक इवेंट रखा गया था। इश इवेंट में ट्रूडो फैमिली समेत बॉलीवुड की कई हस्तियां भी शामिल हुई थी। इस इवेंट में कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने जसपाल अटवाल को भी आमंत्रित किया था जो की खालिस्तान का सपोर्टर रहा है और वो बैन किए गए अंतरराष्ट्रीय सिख यूथ संघ में भी काम कर चुका है। इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन पंजाब में एक अलग से सिख राज्य बनाना चाहता था| जसपाल अटवाल पर 1986 में वैंकूवर आइलैंड में भारतीय मंत्री मलकीत सिंह सिद्धू पर जानलेवा हमला करने का आरोप है और इसमें वो दोषी भी करार दिया जा चुका है। वैंकूवर में 4 लोगों ने सिद्धू की कार पर हमला किया था और जसपाल उन 4 लोगों में शामिल था। इसके साथ ही जसपाल को 1985 को ऑटोमोबाइल फ्रॉड केस में भी दोषी पाया गया था। इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन को कनाडा सरकार ने 1980 में एक आतंकवादी संगठन मानते हुए इसपर बैन लगा दिया था।

और तो और जसपाल अटवाल को गुरुवार को कनाडा के हाई कमीशन की तरफ से होने वाले स्पेशल डिनर के लिए भी आमंत्रित किया गया था हालांकि कनाडा की सीबीसी न्यूज के मुताबिक उसे रद्द करने की प्रक्रिया जारी है।

ऐसा करके जस्टिन ट्रुडो ने फिर से अपने असली रंग दिखा दिए है|उन्होंने ये दर्शा दिया है की वो कह कुछ रहे है पर असल में वो उन खालिस्तानी आंतकवादियों का साथ देकर उन्हें बड़ावा देने की कोशिश कर रहे है| ट्रूडो के इशारों के अंतर्गत ही भारत में आम आदमी पार्टी को उन खालिस्तानी आंतकवादियों की और से भारी रकम दी गयी| ये तो आज भाजपा की बदोलत ही है की पंजाब बंटने ने से बच गया|अगर ऍन वक़्त पर भाजपा पंजाब में मदद का हाथ न बड़ाती तो आज  पंजाब अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और खालिस्तानियों द्वारा मिलकर तबाह कर दिया गया होता|ऐसे प्रधानमंत्री जो आंतकवाद को बड़ावा देते है उनका सम्मान तो बहुत दूर की बात है उन्हें देश से ही बहार निकाल फेंकना चाहिए|

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