अभिमतराजनीति

क्या सच में पांच राज्य के चुनावों में कांग्रेस जीत गयी है? कया देश में मॊदी लहर खत्म हो गयी है? कांग्रस पांच राज्यों में जीती नहीं है और ना मॊदी लहर खत्म हुई है।

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पांच राज्य के चुनावी नतीजे आ चुकें हैं। कांग्रेसी देश भर में हो हल्ल मचा रहे हैं कि मॊदी लहर खत्म हॊ गयी है, जनता ने भाजपा और मॊदी के नेतृत्व को नकार दिया है। 2019 में भी कांग्रेस मॊदी को हराएगी। क्या सच में कांग्रेस जीत गयी और मोदी लहर खत्म हॊ गयी है? नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह बात सच है कि तीन राज्यों मे भाजपा के मुख्यमंत्री हार गये हैं और इस हार को वे पूरे हृदय से स्वीकार चुके हैं। लेकिन यह मॊदी जी की हार नहीं है ना ही कांग्रेस की जीत है।

कांग्रेस को ध्यान में रखना चाहिए कि वह मिज़ॊराम और तेलंगाणा में बहुत बुरी तरह से पिट चुकी है। सिर्फ़ मिज़ोराम ने ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर पूर्वी राज्यों ने खुद को कांग्रेस मुक्त बनाया है। इसके साथ साथ तेलंगाणा ने भी कांग्रेस को नकार दिया है। मज़े की बात यह है कि तेलंगाणा और आंध्रप्रदेश का विभाजन कांग्रेस ने ही किया था। बावजूद इसके तेलंगाणा के जनता ने कांग्रेस के लिए अपने दरवाज़े बंद कर दिये हैं। मिज़ोराम और तेलंगाणा में भाजपा का अस्तित्व ही नहीं था फिर भी इन राज्यों से कम से कम एक-दो सीटें मिली हैं। यानी भाजपा धीरे धीरे जनता के मन में घर कर रही है।

अब छत्तीसगड़, राजस्थान और मध्यप्रदेश की बात करते हैं। इन तीनों राज्यों में भाजपा हारी है लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि भाजपा ने कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी है। जिस तरह से कांग्रेस इस जीत का जश्न मना रही है ऐसा लगता है कि वह भारी बहुमत से इन राज्यों को जीती हो। लेकिन वास्तव में छत्तीसगड़ को छॊड़कर राजस्तान और मध्यप्रदेश में कांग्रेस बहुत कम मार्जिन से जीती है यानी आज भी वहां भाजपा का दब दबा कायम है। कॆवल 20-30 सीटॊं के अंतर से जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि नहीं हो सकती। कांग्रेस ने भाजपा को धॊभी पछाड़ मात नहीं दिया है बल्कि रेंगते रेंगते हुए बहुमत के करीब पहुंची है।

कुल पांच राज्यों में से दो राज्यों में बुरी तरह से हार और तीन राज्यों में रेंगते हुए बहुमत को पार करने वाली कांग्रेस देश में ढिंढ़ॊरा पीट रही है कि मॊदी लहर खत्म हुई है। ऐसा बिल्कुल नहीं है। बल्कि इन पांच राज्य के चुनावों से यह साबित हुआ है कि मॊदी लहर अब भी बरकरार है। कांग्रेस के अनुसार छत्तीसगड़, राजस्थान और मध्यप्रदेश में सरकार के प्रति भारी विरॊध था अगर यह सच है तो भाजपा को इतनी सीटे मिलीं कैसे? भाजपा को इतनी सीटॆं मॊदी जी के वजह से ही मिली है। भले ही जनता राज्य के मुख्यमंत्रियों से और प्रादेशिक नेताओं से नाराज थी लेकिन उसने भाजपा का हाथ नहीं छॊड़ा है। जनता ने पूरी तरह से भाजपा को नकारा नहीं है, इन राज्यों में जितने भी सीटें आईं है वो मॊदी जी के कारण ही आई है।

हाँ यह सच है कि भाजपा से कुछ गलतियां हुई है लेकिन उसके लिए मॊदी जिम्मेद्दार नहीं है। राज्य के चुनाव में प्रादेशिक मुद्दे ही ज्यादा चलते है। देश की जनता जानती है कि देश के लिए कौन सही है और राज्य के लिए कौन। कुछ गलती भाजपा की तरफ़ से हुई है तो कुछ गलती लोगों के तरफ़ से भी हुई है। नॊटा दबाना या चुनाव में हिस्सा ना लेना समस्या का हल नहीं है बल्कि वह जनता के लिए और ज्यादा मुश्किलें खड़ा कर देता है। हमें विश्वास है कि 2019 के पहले जनता और भाजपा अपनी गलतियों को सुधार लेंगी और भारी बहुमत से फिर से मॊदी जी को जितायेंगे। मॊदी जी की हार देश की हार है और हम न मॊदी जी को हारने देंगे और न देश को।

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