राजनीति

मॊदी सरकार की ई-गवरनेन्स पर लगी संयुक्त राष्ट्र की मुहर। वैश्विक ई-गवरनेन्स सूचकांक में चार साल के भीतर भारत 22 स्थान ऊपर।

भारत अब टॉप 100 देशों की सूची में आ गाया है।

 

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के रिपॊर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र के ई-गवरनेन्स सूचकांक में टॉप 100 में प्रवेश कर लिया है। आंकड़ो के अनुसार पिछले चार वर्षों में भारत, 22 स्थान ऊपर कूद चुका है। पिछले दो वर्षों में इस उछाल में 11 रैंकों का सुधार देखा गया है। मोदी जी की कड़ी महनत रंग लायी है। मन में इच्छा शक्ति हो तो मनुष्य क्या कुछ नहीं कर सकता इसकी मिसाल कायम की है प्रधान मंत्री मॊदी ने।

भारत अब वैश्विक ई-गवरनेन्स सूचकांक में 96 वें स्थान पर है। संयुक्त राष्ट्र ई-गवरनेन्स सूचकांक दो साल में एक बार जारी किया जाता है। ई-सरकारी विकास सूचकांक जो राष्ट्रीय स्तर पर ई-सरकारी विकास का आकलन करता है, तीन सामान्यीकृत सूचकांक के भारित औसत के आधार पर एक समग्र सूचकांक का आकलन किया जाता है।

–एक तिहाई हिस्सा अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों के आधार पर दूरसंचार इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स से लिया जाता है।

–एक तिहाई संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों के आधार पर मानव पूंजी सूचकांक (एचसीआई) से लिया जाता है।

–एक तिहाई UNDESA द्वारा आयोजित एक स्वतंत्र सर्वेक्षण प्रश्नावली से एकत्रित आंकड़ों के आधार पर ऑनलाइन सेवा सूचकांक (ओएसआई) जो सभी 193 संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की राष्ट्रीय ऑनलाइन उपस्थिति का आकलन करता है।

भारत 0.9551 के स्कोर के साथ ई-भागीदारी उप-सूचकांक में टॉप 15 देशों में से एक है।

* दूरसंचार इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स में 0.20091 अंक जो की अच्छा स्कोर नहीं है।

* मानव पूंजी सूचकांक में भारत ने विश्व औसत से नीचे स्कोर किया है। भारत क्को 0.6627 अंक मिले हैं।

* भारत का कुल स्कोर 0.5484 है।

पिछले वर्ष अक्तूबर में विश्व बैंक की आसान व्यापार सूचकांक में भारत शीर्ष के 100 रैंक में पहुंच गया है। वैश्विक शांति सूचकांक में भी भारत ने 163 देशों में से 137 रैंक में पहुंच चुका है। रिपॊर्ट के अनुसार पिछले चार साल में बढ़ते कानून प्रवर्तन द्वारा संचालित हिंसक अपराध के स्तर में कमी के कारण चार पायदान का उछाल देखा गया है।

यह आंकड़े अंतराष्ट्रीय संघठनों के द्वारा अध्ययन करने के बाद ही प्राप्त होते हैं। आंकड़ों के आधार पर रैंकिंग दी जाती है। विश्व के सभी संगठन मॊदी नायकत्व पर मुहर लगा रहे हैं। भारत का विकास दर दुनिया के सभी देशों के विकास दर को पछाड़ कर बहुत तेज़ी से आगे बड़ रहा है। अब भी किसी को संदेह है कि अच्छे दिन नहीं आये? अब भी कॊई सॊचता है कि मॊदी के नीतियों में खोट है? तो फिर उसे अपने दिमाग की परीक्षा करवानी चाहिए।

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