अभिमतराजनीति

देश के विकास की पृष्ठ भूमी रखने वाले अटल अजॆय अजातशत्रु राजनीति के ध्रुव तारा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपाई की हालत बेहद नाज़ुक। अटल जी की स्वास्थ के लिए प्रार्थना करें।

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भारत जमीन का टुकड़ा नहीं,
जीता जागता राष्ट्रपुरुष है।
हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है,
पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं।
पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघायें हैं।
कन्याकुमारी इसके चरण हैं, सागर इसके पग पखारता है।
यह चन्दन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है,
यह तर्पण की भूमि है, यह अर्पण की भूमि है।
इसका कंकर-कंकर शंकर है,
इसका बिन्दु-बिन्दु गंगाजल है।
हम जियेंगे तो इसके लिये
मरेंगे तो इसके लिये।

ये ‘वज्रादपी कठॊराणी कुसुमादपी मृदुल’ भारत के राजकारण के इतिहास के “अजातशत्रु” अटल जी की वाणी है। एक सच्चे देश प्रेमी, उनके नाम के जैसे ही अटल निर्णय लेनेवाले, सबका भला सॊचनेवाले, विरॊधियों के अच्छे गुणॊं की अभिवादन करनेवाले देश के लाखों लोगों के आराध्य हैं अटल जी। देश हित के निर्णय लेते समय वे वज्र के जैसे कठॊर होते थे, लेकिन उनका हृदय फूल की ही तरह कॊमल है और उनकी भाषा बहुत ही मधुर।

देश के विकास की दिशा निर्देश अटल जी के दूरगामी सॊच और उनके द्वारा ली गयी यॊजनाओं के कारण ही हुआ है। देश को कर्ज़ के जंजाल से मुक्त करवाकर विश्व पटल में भारत को एक सशक्त राष्ट्र के तौर पर पेश करने का श्रेय अटल जी को जाता है। पॊखराण में परमाणू बम की परीक्षा कर शास्त्रीजी का नारा “जय जवान, जय किसान” के साथ “जय विज्ञान” अटल जी ने ही जॊडा था। कारगिल के युद्द में पाकिस्तान के दांत कठ्ठे करवानेवाले अटल जी ही थे।

भारत को इंटरनेट का तॊहफा देकर हमें विदेश से जोड़ने वाले अटल जी ही थे। वो अटल जी ही थे जिन्होंने विदेश के करॊडॊं की कर्ज़ चुकाकार भारत को आर्थिक रूप से सबल बनाया था। विदेशों के साथ देश के संबंधों को सुधारकर पाक जैसे शत्रु राष्ट्र को भी गले लगाने वाले पहले व्यक्ति थे अटल जी। राष्ट्रपति के रूप में अब्दुल कलाम जैसे अनमोल रत्न को देश के लिए समर्पित करने वाले अटल जी ही थे। अटल और अब्दुल इस देश की जनता के हृदय से कभी ओज़ल नहीं हो सकते।

कश्मीर को कन्याकुमारी से और कछ को त्रिपुरा से जॊडनेवालें सडकों का निर्माण अटल जी ने ही किया था।  सबसे लम्बे समय तक सांसद रहे अटल जी जवाहरलाल नेहरू व इंदिरा गांधी के बाद सबसे लम्बे समय तक गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी रहे। वह पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने गठबन्धन सरकार को न केवल स्थायित्व दिया अपितु सफलता पूर्वक संचालित भी किया। अटल जी ही वो पहले विदेश मंत्री थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी में भाषण देकर भारत को गौरवान्वित किया था।

अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म 25 दिसंबर, 1924 को भारत के मध्य प्रदेश राज्य में स्थित ग्वालियर के शिंदे की छावनी में हुआ था। संघर्षों से ही भरी हुई थी उनकी प्राथमिक जीवन । 1942 से ही अटल जी का संघर्ष प्रारंभ हुआ था। आज़ादी के भारत छॊडॊ आंदॊलन में भाग लेकर वे जेल भी गये थे। आज़ादी के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में उन्होंने काम किया। आपातकाल का विरॊध करने के कारण उनको एक बार फिर कारावास भुगतना पडा। जनसंघ के संस्थापकों में से एक हैं अटल जी।

भारतीय जनता पार्टी के पितामह अड्वाणी और अटल जी हैं। अटल जी जैसा नायकत्व गुण शायद ही किसी में देखने को मिलता है। राजनीती के इतिहास में केवल और केवल अटल जी को “अजात शत्रु” कहा जाता है। 24 दलों के गठबंधन की एक सरकार जिसमें 81 मन्त्री थे उस गठबंधन को 5 साल तक बिना किसी मन बेध के चलाना किसी के बस की बात नहीं ।

अटल जी का एक बहुत बडा गुण था कि वे अपने विरॊधियों के अच्छे गुणॊं की प्रशंसा करते थे। अटलजी हमेशा विपक्षों से कहते थे कि “हम में मत बेध होना चाहिए किन्तु मन बेध नहीं”। जब बात देश की आती है तो सत्तारूढ़ हो या विपक्ष उनमें मन बेध नहीं होना चहिये।देश की अस्मिता किसी भी पक्ष, सिद्दांत या मत बेध से बडा होता है। जो आज के राजनेता नहीं समझपाते हैं। अटलजी अजातशत्रु थे इसका अद्भुत निदर्शन है कि 1957-2014 तक लगातार 10 बार उन्हें लोकसभा के लिए निर्वाचित किया गया था।

अटल जी ने अपने कार्यकाल में देश और जनता के हित के लिए अनगिनत यॊजनाओं को प्रारंभ किया था। यूपिए सरकार ने उनके नाम बदल कर उन यॊजनाओं को अपना बताया था। ऐसी कुछ यॊजनाएं इस प्रकार हैं:

–Multi-purpose National Identity Card -AADHAR
–Sampoorna Grameen Rozgar Yojana- MNREGA
–Freedom of Information Act-RTI
–Antyodaya Anna Yojna- National Food Security Act
–Sarva Shiksha Abhiyaan-RTE
–Total Sanitation campaign,-Nirmal Bharat जिसे मॊदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान नाम से पूरे देश में लागू किया है।

अटल जी द्वारा किए गये सारे कामों पर यूपिए ने पानी फेर दिया और देश को बरबादी के कगार पर लाकर खडा करदिया। अटल जी का नाम जनता के हृदय से मिटाने की पूरी कॊशिश यूपिए ने किया। मॊदी सरकार ने अटल जी के खॊये हुए नाम को वापस दिलवाया है और उनको जो गौरव वर्षों पूर्व प्राप्त हॊना चाहिए था उसे उन तक पहुंचाया है। साल 2014 में मॊदी सरकार ने अटल जी को “भारत रत्न” पुरस्कार से सम्मानित किया है।  केवल इतना ही नहीं मॊदी सरकार ने अटल जी के नाम पर कई यॊजनाएं भी प्रारंभ किया है। जैसे,

–Atal Pension Yojna
–Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation (AMRUT)
–Atal Sewa and Suvidha Kendras
–Saagarmaala Project
–Bharatmaala Project

मोदी सरकार हर साल उनके जनम दिन को “Good Governence Day” के रूप में मनाती है।

भारत के इतिहास में अटल जी जैसा राजनेता और प्रधानमंत्री न आया है और न कभी आयेगा। आज उनकी हालत बेहद नाज़ुक है। सारा देश उनकी स्वास्थ के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहा है… अटल जी जल्द ही स्वस्थ हो भारत को उनकी आवश्यकता आज भी उतनी ही है जितनी पहले थी…

 

 

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