राजनीति

फेक न्यूज़ अलर्ट! नहीं, भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने लालकृष्ण आडवाणी को प्रधान मंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कोई पत्र नहीं लिखा है

दो दिन पहले एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर चारों तरफ फैला हुआ था। पत्र में यह दावा किया गया था कि मोदी सरकार वोट पाने के लिए सशस्त्र बलों का दुरुपयोग कर रही है| दावा किया गया था कि सशस्त्र बलों ने इसके लिए ये पत्र राष्ट्रपति जी को लिखा है| पत्र ने यह भी दावा किया कि कई दिग्गज सशस्त्र जैसे जनरल एसएफ रोड्रिग्स, पीवीएसएम, वीएसएम ने इस पर हस्ताक्षर किए थे।

लेकिन इस झूठ का जल्द ही उन दिग्गजों ने भंडाफोड़ कर दिया जिनके नाम सूची में बताए गए थे, वे खुद सार्वजनिक रूप से सामने आए और उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने कभी इस तरह के फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए।

सशस्त्र बलों के दिग्गजों द्वारा राष्ट्रपति को लिखे गए कथित पत्र में जनरल एसएफ रोड्रिग्स, जिन्हें पहले हस्ताक्षरकर्ता के रूप में उल्लेख किया गया था, ने इस पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया और कहा कि “हमने सेवाओं में हमेशा वही किया है जो सत्ता में सरकार ने हमें आदेश दिया है। कोई भी कुछ भी कह सकता है और फिर इसे नकली समाचार के रूप में बेच सकता है, मुझे नहीं पता कि यह सज्जन कौन है जिसने इसे लिखा है”

ज्यादा समय नहीं बीता कि अब बीजेपी की छवि खराब करने के लिए एक और फर्जी पत्र फैला हुआ है| पत्र भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी द्वारा एक अन्य वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को लिखे जाने का दावा किया गया है जिसमें उन्होंने आलोचना की है कि प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में पार्टी की स्थिति किस तरह बरबाद हो रही है

पत्र में आगे कहा गया है कि वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी पार्टी की हालिया स्थिति से नाखुश हैं और दावा कर रहें है की आगामी लोकसभा चुनावों जिसके लिए पहले चरण का मतदान हो चुका है उसमें बीजेपी अच्छा प्रदर्शन नहीं करने जा रही है। पत्र में कहा गया है कि बीजेपी केवल 120 सीट ही जीत सुरक्षित कर पाएगी, लेकिन इससे ज्यादा नहीं। यहां तक ​​कि पत्र ने मतदान के चरण 1 में भाजपा की स्थिति को खराब चित्रित किया है|

पत्र में न्यूज़ एजेंसी एएनआई की मोहर भी है। लेकिन न्यूज एजेंसी एएनआई ने सामने आकर कहा है कि ऐसा कोई भी पत्र मौजूद नहीं है। यह पूरी तरह से नकली है। एजेंसी ने ट्वीट किया, “बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी का उनके लेटरहेड पर लिखा एक पत्र व्हाट्सएप और ट्विटर पर प्रसारित हो रहा है। ऐसा कोई पत्र मौजूद नहीं है। यह नकली है।”

यह भाजपा पार्टी से नफरत करने वालों का जानबूझकर किया गया प्रयास है जो भाजपा की छवि को खराब करना चाहते हैं और पार्टी के बीच फूट पैदा करना चाहते हैं। वे यह बताना चाहते हैं कि पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व पीएम मोदी- अमित शाह की जोड़ी से खुश नहीं है जो कि एक बड़ा झूठ है। भाजपा एक ऐसी पार्टी है जिसके लिए “पार्टी परिवार है” और हर नेता हर दूसरे नेता का सम्मान करता है। ये सब विपक्ष का झूठ है। उनके जाल में न फंसे


Kashish

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