राजनीति

कांग्रेस का यू-टर्न! पहले चिल्ला चिल्ला कर CAG रिपोर्ट मांगने के बाद अब कहा वे बेकार रिपोर्ट है, उसकी ज़रुरत नहीं

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कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए झूठ पे झूठ फैलाया है।  “झूठ को हजार बार दोहराओ तो वे  सच बन जाता है” की रणनीति के अनुसार कांग्रेस काम करती है| कांग्रेस सोचती है ऐसा करने से लोग उनकी बातों पर विशवास करने लगेंगे । वही पार्टी राफेल सौदे के मामले में कर रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लताड़ दिए जाने के बाद भी पार्टी ने इस झूठ को फैलाना बंद नहीं किया है और जब अब पार्टी के एक और झूठ और असली रंग देश के सामने आने वाला है तो पार्टी ने यू-टर्न ले लिया है

इससे पहले कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं ने राफेल जेट सौदे पर नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) रिपोर्ट के लिए ज़ोर शोर से चिल्लाया और अब जब संसद में सीएजी रिपोर्ट पेश करने जा रहें है तो कांग्रेस ने यू-टर्न ले लिया है

कांग्रेस अब मांग कर रही है कि सीएजी राजीव महरिशी को ऑडिट से खुद को दूर करना चाहिए और “हितों के टकराव” के कारण राफेल सौदे पर एक रिपोर्ट सौंपनी चाहिए। पार्टी ने कहा कि तत्कालीन केंद्रीय वित्त सचिव के रूप में महरिशी नरेंद्र मोदी की टीम का  हिस्सा थे। यदि वह सीएजी के रूप में एक रिपोर्ट का ऑडिट करते हैं और उसे प्रस्तुत करते हैं, तो इसका मतलब यह होगा कि महरिशी खुद को और सरकार को राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार से बचाने की कोशिश कर रहें है। कानून का कार्डिनल सिद्धांत यह है कि किसी को अपने मामले में न्यायाधीश नहीं होना चाहिए। ”

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने रविवार को एक आधिकारिक ज्ञापन में महरिशी को यह मांग रखी। कांग्रेस के इस कदम ये संकेत मिलते हैं कि कुछ दिनों में CAG इस सौदे पर अपनी रिपोर्ट दे सकती है।

इतना ही नहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने CAG का अपमान किया और उन्हें ‘चौकीदार ऑडिटर जनरल’ कहा। “कैग रिपोर्ट एक बेकार रिपोर्ट है। यह चौकीदार महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट है। यह मोदी की रिपोर्ट है, चौकीदार की ओर से, चौकीदार के लिए लिखी गई है। मैं कैग को चौकीदार महालेखा परीक्षक कहता हूं ”।

कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल पर अदालत के फैसले पर संदेह करते हुए शीर्ष अदालत का भी अपमान किया और कहा कि “शीर्ष अदालत के फैसले ने राफेल पर सीएजी की रिपोर्ट का हवाला दिया था जो अभी तक लागू नहीं हुई थी,” स्पष्ट रूप से, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर भी अब सवाल उठाये जा सकते है।

यह कांग्रेस पार्टी के असली रंगों को दिखाता है जो राफेल पर झूठ का जाल बुन रही है।वह समय दूर नहीं जब कांग्रेस झूठ के अपने जाल में उलझ जाएगी।


स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स


कशिश

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