राजनीति

भारत बंद में कांग्रेस का हाथ! राहुल गांधी और कांग्रेस ट्रेड यूनियन के बीच एक्सप्लोसिव पत्रों के आदान-प्रदान से कांग्रेस के द्वारा बंद का राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की योजना का हुआ खुलासा

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केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) द्वारा सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए बुलाए गए दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को अभी लंबा समय नहीं हुआ कि कांग्रेस पार्टी का इस  राष्ट्र-विरोधी एजेंडे को भड़काने में हाथ है इसका सबूत सामने आ गया है।

रिपब्लिक टीवी के हाथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस ट्रेड यूनियन के बीच आदान-प्रदान किया गया एक पत्र हाथ लगा है, जिसमें लोकसभा चुनाव से पहले बंद का राजनीतिक लाभ लेने के लिए पार्टी को स्पष्ट संदर्भ दिया गया है।

पहला पत्र राहुल गांधी ने दिसंबर में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC) के अध्यक्ष श्री संजीव रेड्डी को लिखा था, जिसमें उन्हें नौकरी छूटने, कृषि संकट, विमुद्रीकरण जीएसटी के रोलआउट के ‘दुखद परिणामों’ का हवाला देते हुए हड़ताल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘सरकार की जन विरोधी नीतियों’ के रूप में एक साथ समूहबद्ध करने के लिए कहा। 20 दिसंबर को लिखे अपने पत्र में, राहुल गांधी ने INTUC अध्यक्ष से सरकार की लाखों नीतियों के खिलाफ आवाज़ को उठाने के लिए INTUC से जुड़े यूनियनों को एक मंच प्रदान करने के लिए कहा|

उपरोक्त पत्र के जवाब में INTUC के अध्यक्ष ने कांग्रेस अध्यक्ष को पुष्टि करते हुए पत्र लिखा कि हड़ताल 8 और 9 जनवरी को होगी और इसके लिए कांग्रेस को समर्थन देने को कहा|

यह हड़ताल बहुत सफल होगी इसलिए कांग्रेस पार्टी एकजुटता व्यक्त करके लाभ उठा सकती है ताकि इस देश का पूरा मजदूर वर्ग कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस अध्यक्ष में विश्वास करे और उनकी आशा जागे|ऐसा होने से आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी को मदद मिलेगी।

सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों और एकतरफा श्रम सुधारों के विरोध में आज देशव्यापी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा दो दिनों की हड़ताल का आयोजन किया गया है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) में से कई ने दो दिन की देशव्यापी हड़ताल पर जाने के लिए हाथ मिलाया है। 20 करोड़ कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की उम्मीद है। यूनियनें बुधवार को नई दिल्ली में मंडी हाउस से संसद तक विरोध मार्च करेंगी। इसी तरह का विरोध देश भर में किया जाएगा।

यह राष्ट्रविरोधी कांग्रेस का असली चेहरा दिखाता है जिसने हमेशा अपने राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्र का शोषण किया है। वे केवल सत्ता में रहना चाहती है और इसके लिए पार्टी किसी भी स्तर तक नीचे गिर सकती है|

कांग्रेस एक ऐसी शर्मनाक पार्टी है जो यह भी नहीं सोचती है कि इसका राष्ट्र को कितना नुकसान उठाना पड़ेगा। वे केवल यह सोचते हैं कि उन्हें अपने राजनीतिक एजेंडे को कैसे पूरा करना है। यह उच्च समय है जब लोगों को इसका एहसास होना चाहिए और इस पार्टी को सत्ता से बाहर करना चाहिए

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