राजनीति

कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी शिवसेना में हुई शामिल क्यूंकि कांग्रेस ने उनके साथ “अन्याय” किया

कहते हैं कि राजनीति में सब कुछ संभव है। कोई मित्र नहीं है, कोई शत्रु नहीं। हर कोई समय के अनुसार अपनी नाव बदल लेता है। कुछ ऐसा ही मामला कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी का है। कल उन्होंने पार्टी के सभी पदों और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। और ज्यादा समय बरबाद किए बिना पार्टी से इस्तीफा देने के तुरंत बाद, उन्होंने महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी शिवसेना के साथ हाथ मिला लिया।

कांग्रेस प्रवक्ता के इस कदम का कारण पार्टी द्वारा उन लोगों को बढ़ावा देना है जिन्होंने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है, उन दुराचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना है। साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता इस बात से खुश नहीं हैं कि पार्टी ने उनकी कड़ी मेहनत और उनके प्रयासों को मान्यता नहीं दी है।

उन्होंने कहा कि “गहरा दुःख है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में गूंडों को ज्यादा वरीयता मिलती है न की उन्हें जिन्होंने पार्टी के लिए अपना खून पसीना दिया है। पार्टी के लिए मैंने गालियों का सामना किया लेकिन फिर भी जिन लोगों ने मुझे पार्टी के भीतर धमकी दी उन पर कोई कारवाई नहीं की है|

कांग्रेस पार्टी की बात करें तो यह कोई अजीब बात नहीं है। ये पहली बार नहीं हुआ है| कांग्रेस पार्टी के पास महिलाओं का अपमान करने और उनकी सुरक्षा न करने और बदले में अपराधियों को बढ़ावा देने का इतिहास है। इससे पहले कांग्रेस आईटी सेल की प्रमुख दिव्या स्पंदना ने अपनी एक महिला सहकर्मी द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपी आईटी सेल के पुरुष सदस्य के बचाव में याचिका दायर की थी। शर्मनाक घटना सामने आने के बाद, कांग्रेस आईटी सेल ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया जिसने पीड़ितों के संस्करण को खारिज किया और अभियुक्त को श्वेत किया|

क्या यह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का महिला सशक्तिकरण है और उनके लिए सुरक्षा है? वास्तविकता यह है कि कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी महिला सशक्तिकरण के बारे में चिल्लाते हैं और अपनी पार्टी की महिलाओं के लिए कुछ भी नहीं करते हैं।


Kashish

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