अर्थव्यवस्थाराजनीति

मोदी सरकार का बजट विपक्ष पर सुर्जिकल स्ट्राइक ! जानिये बजट के ख़ास बिंदु जिसने चुनाव से पहले ही विपक्ष को मात दे दी

237 Shares

2019 का बजट भारतीयों के लिए गेम चेंजर साबित हुआ है क्योंकि मोदी सरकार ने भारतीयों को योजनाओं का भरमार दिया है| मोदी सरकार ने इस बजट में हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर एक व्यक्ति का ख़ास ध्यान रखा है| सरकार का ये बजट उनके मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर पूरा खरा उतर रहा है|

बजट के ख़ास बिंदु

किसानों को बड़ी राहत

किसानों को राहत देने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि” नामक योजना की शुरुवात की है| इस योजना के तहत मोदी सरकार छोटे सीमांत किसानों (जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है) के खाते में हर साल 6000 रुपये डालेगी| पैसा दो-दो हजार रुपए की तीन किश्तों में किसानों के खाते में जाएगा|इस योजना के लिए कुल 75,000 करोड़ रु आवंटित किए गए हैं।

इसके अलावा, पशुपालन और मत्स्य पालन करने वाले किसानों को 2% ब्याज उपदान प्रदान किया गया है। यदि ऋण समय पर चुकाया जाता है, तो अतिरिक्त 1% ब्याज उपदान दिया जाएगा।

भारतीय सशस्त्र बल

मोदी सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए 3 लाख करोड़ का आवंटन किया है| हाई रिस्क सैनिकों के भत्ते में भी बढ़त की है| वन रैंक वन पेंशन के तहत 4 साल में मोदी सरकार ने 35000 करोड़ रूपये दिए है जबकि कांग्रेस के कार्यकाल में कांग्रेस ने सिर्फ सिर्फ 50 हजार करोड़ रक्षा बजट के लिए दिए| हाई रिस्क सैनिकों के लिए कुछ भी नहीं दिया

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बड़ी सौगात

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 2019 के बजट में घोषित मेगा पेंशन योजना के तहत 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये आवंटित किये गये है। इससे देश में असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ श्रमिकों को लाभ मिलेगा।

मध्य वर्ग के लिए

2019 के अंतरिम बजट में, मोदी सरकार ने आयकर छूट की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया। एनडीए सरकार ने आयकर छूट सीमा को मौजूदा 2.5 लाख रुपये से दोगुना कर दिया है। अब तक, 5 लाख रुपये तक की आय पर कर 10 प्रतिशत है पर अब कोई कर नहीं है| निवेश करने पर 6.5 लाख तक नहीं देना होगा टैक्स| इसके साथ साथ महिलाओं को 40 हज़ार ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना होगा| इसके अलावा, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए, मोदी सरकार ने आयकर रिटर्न (ITR) को इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापित करने की योजना बनाई है।

खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश जनजातियों को सामाजिक कल्याण योजनाओं में शामिल

खानाबदोश और अर्ध-घुमंतू जनजातियों की दूरदर्शिता और अर्थव्यवस्था से उनके बहिष्कार को स्वीकार करते हुए, पीयूष गोयल ने घोषणा की कि सरकार ऐसी जनजातियों की पहचान करेगी और उनके लिए कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करेगी।

सरकार खानाबदोश और अर्ध-घुमंतू जनजातियों की पहचान करने के लिए NITI Aayog के तहत एक समिति का गठन करेगी, जिन्होंने अपने अलगाव के कारण सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठाया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत कल्याण विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा ताकि इन दूर-दराज के जनजातियों तक पहुंच बनाई जा सके और उन्हें सामाजिक और आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए निरंतर रणनीतिक हस्तक्षेप विकसित किया जा सके।

गौमाता

आनुवंशिक सुधार और सतत विकास सहित गायों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय कामधेनुयोग की स्थापना की जाएगी। कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ” ये सरकार कभी गऊ माता के सम्मान में पीछे नहीं हटेगी।

 

237 Shares
Tags

Related Articles

FOR DAILY ALERTS
 
FOR DAILY ALERTS
 
Close