देशभक्तिराजनीतिसैन्य सुरक्षा

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के डायरेक्टर जनरल ने कहा “विमुद्रीकरण के बाद, भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से नकली भारतीय मुद्रा नोट की तस्करी का स्तर काफी नीचे आ गया है”

विमुद्रीकर्ण के वजह से नकली नोट फैक्ट्री को काफी बड़ा झटका लगा है| 

2 Shares

देश के हित में लिया गया कोई भी कदम विपक्षी दलों के गले से नहीं उतरता|जब भी सरकार ऐसा कोई कदम उठाती है वे गला फाड़ कर चिलाने लगते है|ऐसा ही कुछ किया था विपक्ष ने जब मोदी सरकार ने विमुद्रीकरण जैसा ऐतिहासिक कदम उठाया और आज तक विपक्ष मोदी सरकार पर इस कदम को लेकर तंज कस कर रहा है|

कोई इसे घोटाला तो कोई इसे देश पे आई आपदा के रूप में व्यक्त करता है| हालांकि विपक्ष द्वारा आलोचना के बाद भी समय समय पर यही सामने आया कि किस तरह मोदी सरकार द्वारा उठाये इस कड़े कदम ने देश की अर्थव्यवस्था को ऊँचाईयों तक पहुंचाया है| देश ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 8.2% सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर दर्ज की है। विमुद्रीकरण ने कर वसूली में भी वृद्धि की है|

हाल ही में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के डायरेक्टर जनरल के के शर्मा  ने भी विमुद्रीकर्ण की प्रशंसा की| उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण के बाद, भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से नकली भारतीय मुद्रा नोट की तस्करी का स्तर काफी नीचे आ गया है| विमुद्रीकर्ण के वजह से नकली नोट फैक्ट्री को काफी बड़ा झटका लगा है|

उन्होंने बताया की नकली भारतीय मुद्रा नोट की घटिया क्वालिटी की वजह से इन्हें पहचानना बेहद आसन हो जाता है| विमुद्रीकर्ण के वजह से इस साल केवल 11 लाख की ही नकली मुद्रा ज़ब्त की गयी है जबकि पहले करोड़ों में राशि ज़ब्त की जाती थी। शर्मा ने नई दिल्ली में सीमा प्रबंधन पर बीएसएफ-सीमा गार्ड बांग्लादेश की बैठक के दौरान ये टिप्पणी की।

इसके लिए उन्होंने बांग्लादेश द्वारा उठाये गये कदमों की भी सरहाना की| डीजी ने कहा कि बांग्लादेश की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​फर्जी मुद्रा नोट रैकेटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और साथ ही सरकार ने सभी एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) और देश भर के कई अन्य स्थानों पर फर्जी मुद्रा पहचान मशीनों को भी लगा रखा है।

न सिर्फ दोनों पक्षों ने भारत में फर्जी भारतीय मुद्रा नोटों की तस्करी को रोकने के लिए एक दूसरे के प्रयासों की सराहना की बल्कि साथ ही बांग्लादेश में फेनसाइडिल और अन्य मनोवैज्ञानिक पदार्थों की तस्करी, और इन संबंधों के प्रयासों को जारी रखने का वचन भी दिया।

शर्मा ने रोहिंग्या घुसपैठ पर भी बात की, उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा बल ने रोहिंग्या घुसपैठियों के प्रवाह को रोकने में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने ये भी कहा, “रोहिंग्या जो पहले से ही देश में हैं, कुछ स्थानों पर दबाव महसूस कर रहे हैं। इसलिए वे पश्चिम बंगाल जा रहे हैं जो उनके साथ थोड़ा मित्रवत है और उन्होंने बांग्लादेश से नहीं बल्कि देश के भीतर से आ रहे रोहिंग्या के लिए शिविर बनाए हुए हैं। ”


Source : Times Now

2 Shares
Tags

Related Articles

FOR DAILY ALERTS
 
FOR DAILY ALERTS
 
Close