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भारत के लिए एक और बड़ी जीत!! चीन ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को भारत का हिस्सा घोषित किया

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आखिरकार पाकिस्तान के सबसे अच्छे दोस्त “चीन” ने भी यह स्वीकार कर लिया है कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत का हिस्सा है। एक महत्वपूर्ण कदम में चीन के राज्य संचालित टेलीविजन चीन ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क ग्रुप (सीजीटीएन) जो कि बीजिंग में स्थित चीन सेंट्रल टेलीविजन का हिस्सा है ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को जम्मू-कश्मीर के मूल मानचित्र के हिस्से के रूप में चित्रित किया है जो दशकों से भारतीयों की अधूरी मांग रही है|

चीन के राज्य संचालित टेलीविजन द्वारा जम्मू-कश्मीर के पूरे राज्य की तस्वीर पिछले शुक्रवार को चीनी वाणिज्य दूतावास पर आतंकवादी हमले की रिपोर्ट करते समय प्रदर्शित की गई थी। चीनी टेलीविजन के इस कदम ने पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित किया है। पाकिस्तान के अच्छे मित्र होने और हमेशा भारत के रास्ते में एक रोड़े की तरह अटकने वाले चीन ने इस बार भारत का पक्ष लिया है।

लेकिन यह संदेह है कि चीनी सरकार द्वारा ये जानबूझकर किया प्रयास हो सकता है।पर अभी इस पर कोई पुष्टि नहीं हुई है कि यह पूर्व-नियोजित कदम था या नहीं, क्योंकि चीन बहुत अच्छी तरह जानता है कि यह पाकिस्तान के साथ उसके संबंध को प्रभावित कर सकता है। यह इस्लामाबाद और पाकिस्तान सेना से प्रतिक्रिया आकर्षित कर सकता है। चीन-पाकिस्तान-इकोनॉमिक-कॉरिडोर (सीपीईसी) पर भी इसका असर हो सकता है। सीपीईसी पर भारत को आपत्ति है क्योंकि यह संप्रभुता का उल्लंघन करता है। बीआरआई के तहत सीपीईसी को सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी लिंक माना जाता है।

इसके अलावा यह पाकिस्तान के लिए भी अच्छी खबर नहीं है जो इस वक़्त पैसे की कमी से झूझ रहा है| जो वित्तीय सहायता के लिए दर दर भीख मांग रहा है। पिछले पांच साल में पाकिस्तान मदद के लिए दूसरी बार अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को संपर्क कर चूका है।

अमेरिका ने भी पाकिस्तान को करारी फटकार लगाई है और पाकिस्तान को पहले उपलब्ध कराई गई सभी वित्तीय सहायता को रोक दिया है। एक सप्ताह पहले ही संयुक्त राज्य अमेरिका ने पाकिस्तान को 1.66 अरब अमेरिकी डॉलर की सुरक्षा सहायता रोक दी थी। पेंटागन ने कहा, “अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश के बाद पाकिस्तान को 1.66 बिलियन अमरीकी डालर की सुरक्षा सहायता से निलंबित कर दिया है।” यह कदम उसके तुरंत बाद उठाया गया जब डोनाल्ड ट्रम्प ने बयान जारी किया था, “पाकिस्तान अमेरिका के लिए कुछ भी नहीं किया है”| इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह आरोप भी लगाया था कि पाकिस्तानी सरकार ने अल-कायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मदद की थी और उन्हें एबोटाबाद में छुपाया था।

अमरीका की फटकार के बाद अब पाकिस्तान को चीन से उम्मीद थी| प्रधान मंत्री इमरान खान जिन्होंने इस महीने की शुरुआत में चीन का दौरा किया था, वापसी के बाद काफी खुश दिख रहे थे। पाकिस्तानी मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को चीन से ‘बड़ा’ पैकेज मिला है। हालांकि प्रधान मंत्री इमरान खान अपने तथाकथित मित्र चीन से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए काफी उम्मीद कर रहे हैं लेकिन वर्तमान परिदृश्य तो अलग कहानी दर्शाता है। इमरान खान के चीन से बड़े पैकेज के बयान के बाद पाकिस्तान में चीनी दूतावास पर हमला किया गया था और अब चीन के सीजीटीएन टेलीविजन ने जम्मू-कश्मीर के हिस्से के रूप में पीओके दिखाया है। यह स्पष्ट रूप से संकेत करता है कि चीन अपने तथाकथित ‘मित्र’ पाकिस्तान से खुश नहीं है।


क्रेडिट और स्रोत: Economic Times
RightLog

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