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प्रधान मंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की बदोलत कुंभ मेले ने अपने नाम पर तीन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड किये दर्ज

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आजादी के 70 साल बाद पहली बार प्रयागराज में कुंभ मेले को इतने भव्य पैमाने पर मनाया गया है। और यह सब अगर संभव हो गया है तो यह केवल प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेहनत और प्रयासों के कारण है। अन्यथा, पहले राज्य में हिंदू त्योहारों की उपेक्षा की जाती थी|

इस वर्ष कुंभ मेले ने अपने नाम पर कई रिकॉर्ड दर्ज किये हैं। एक स्थान पर लोगों की बड़ी भीड़ और एक सार्वजनिक स्थान पर सबसे बड़ी पेंटिंग कार्यक्रम के रिकॉर्ड को दर्ज करने के बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अब कुंभ मेले ने सबसे बड़े सफाई अभियान का रिकॉर्ड दर्ज करवाया है|बड़ी संख्या में लोग मास्क पहने, हाथों में झाड़ू लेकर पवित्र शहर की सड़कों पर इसे साफ करने के लिए निकल कर आये|

इससे पहले प्रयागराज मेला प्राधिकरण (पीएमए) ने आठ घंटे में ‘जय गंगे ’ की थीम पर हाथ से पेंटिंग बनाने में सबसे अधिक योगदान के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।यह रिकॉर्ड भारत सरकार के ‘पेंट माई सिटी’ पहल के तहत स्थापित किया गया था जिसमें प्रयागराज में विभिन्न साइटों के सौंदर्य मूल्य को बढ़ाने के लिए सड़क कला का उपयोग किया गया था। इसमें विभिन्न आयु वर्ग के 7,664 लोगों की रिकॉर्ड भागीदारी देखी गई। एक उल्लेखनीय तथ्य यह है कि पहले का रिकॉर्ड सियोल के पास था जिसमें 4,675 लोगों ने हिस्सा लिया था।

इससे पहले, प्रयागराज मेला प्राधिकरण (पीएमए) ने बसों के सबसे बड़े फ्लीट के लिए रिकॉर्ड बनाया था। 28 फरवरी को टीम के लिए एक बार में लगभग 503 शटल बसों को राजमार्ग पर सेवा में चलाया गया था

इसके अलावा, यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त “मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत” की तैयारियों को देखने के लिए 72 देशों के गणमान्य लोग इस साल प्रयागराज पहुंचे हैं।

आगंतुकों के आराम के लिए और अधिक आगंतुकों के तीर्थयात्रा में भाग लेने के लिए सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष भारतीय रेल ने प्रयागराज के विभिन्न स्टेशनों से 800 विशेष ट्रेनें चलाई थीं। प्रयागराज से नई दिल्ली जाने के लिए प्रवासी भारतीयों को ले जाने के लिए रेलवे ने चार से पांच विशेष ट्रेनों का भी संचालन किया।

इसके अलावा, केंद्र सरकार ने कुंभ मेले के लिए यात्रियों से प्राप्त किए जा रहे विशेष किराये में भी कटौती की है, जो इस तरह की आध्यात्मिक यात्राओं के लिए पूरे भारत से यात्रा करने वाले लोगों को राहत प्रदान करेगा।भक्तों के आनंद के लिए मनोरंजन पार्क और विभिन्न मजेदार सवारी भी स्थापित किए गए थे। गंगा, यमुना और सरस्वती (अब विलुप्त) की तीन पवित्र नदियों के ‘संगम’ पर हर बारह साल में कुंभ मेला लगता है। यह लगभग 55 दिनों की अवधि में फैला श्रद्धालुओं और मेलार्थियों का एक बड़ा समूह है।

इस बार पूरे विश्व में भारत का महान मेला देखा गया। पूरी दुनिया ने सनातन धर्म से जुड़े रिवाजों और परंपराओं को देखा। यह भारत और सनातन धर्म के लिए गर्व की बात है।


Kashish

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