आध्यात्मिकसंस्कृति

जाने 15 सीखें जो चाणक्य द्वारा उत्तम जीवन के लिए दी गई

 

शिक्षा सबसे अच्छी सहयोगी है। एक शिक्षित व्यक्ति का हर जगह सम्मान किया जाता है। शिक्षा सुंदरता को हरा देती है।

एक बेवकूफ व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही ज़रूरी है जितना एक अंधे व्यक्ति के लिए दर्पण|

एक बार जब आप किसी चीज़ पर काम करना शुरू कर देते हैं, तो असफलता से डरना नहीं चाहिए और उसे छोड़ना नहीं चाहिए। ईमानदारी से काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा खुश रहते हैं।

हर दोस्ती के पीछे कुछ स्वार्थ होता है। बिना स्वार्थ के दोस्ती नहीं होती। यह कड़वा सच है।

अपने कर्तव्य का निर्वहन करते वक़्त एक नौकर का परीक्षण करें, कठिनाई में एक रिश्तेदार, विपत्ति में एक दोस्त, और दुर्भाग्य के वक़्त पत्नी का।

उन लोगों से कभी दोस्ती न करें जो आपकी हैसियत से ऊपर या नीचे हैं। ऐसी दोस्ती आपको कभी खुशी नहीं देगी।

एक व्यक्ति को कभी भी बहुत ज्यादा ईमानदार नहीं होना चाहिए। सीधे पेड़ पहले काटे जाते हैं।

वह जो हमारे मन में रहता है वह हमारे निकट है यधपि वह वास्तव में हमसे कितना भी दूर हो; लेकिन वह जो हमारे दिल में नहीं है वो हमसे बेहद दूर है चाहे वह वास्तव में हमारे कितने भी पास हो ।

वह जो अपने परिवार के सदस्यों से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, सभी दुखों की जड़ के लिए भय और दुःख का अनुभव करता है। खुश रहने के लिए लगाव को त्याग देना चाहिए।

जिसका ज्ञान किताबों और धन तक सीमित है, जरूरत पड़ने पर वह न तो ज्ञान का उपयोग कर सकता है और न ही धन का।
अगर कोई सांप जहरीला नहीं है तो भी उसे जहरीला होने का नाटक करना चाहिए।

जैसे ही भय निकट आता है, हमला करें और उसे नष्ट कर दें।

जो अतीत है उसके लिए हमें झल्लाहट नहीं करनी चाहिए, न ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए; विवेक के पुरुष वर्तमान क्षण में ही जीते हैं।

सबसे बड़ा गुरु-मंत्र है: कभी भी अपने रहस्यों को किसी के साथ साझा न करें। यह आपको नष्ट कर देगा।

मनुष्य जन्म से नहीं, कर्म से महान होता है।


Kashish

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